हमारे प्रोजेक्ट्स







मिशन:
SHG का मुख्य मिशन है कि गांव या शहर की गरीब और कमजोर महिलाओं तथा परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना।
SHG महिलाओं को केवल आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में समानता, सहभागिता और आत्मसम्मान को बढ़ावा देने का एक मंच है।
🎯 SHG का मिशन सरल शब्दों में
1️⃣ आर्थिक सशक्तिकरण
महिलाओं में बचत की आदत डालना
छोटे-छोटे ऋण (Loan) उपलब्ध कराना
स्वरोजगार (Self-employment) के अवसर बढ़ाना
परिवार की आमदनी बढ़ाने और वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करना
2️⃣ सामाजिक सशक्तिकरण
महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार बनाना
समाज में समानता और आत्मनिर्भरता लाना
समुदाय में महिलाओं का सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करना
3️⃣ शैक्षणिक और जागरूकता
महिलाओं और गरीब परिवारों को शिक्षा और जानकारी से जोड़ना
सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी देना
स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना
4️⃣ सामूहिक शक्ति का विकास
“एकता में शक्ति” के सिद्धांत पर काम करना
समूह बनाकर हर समस्या का सामूहिक समाधान करना
सहयोग, विश्वास और टीम भावना का विकास करना
✨ संक्षेप में:
SHG का मिशन है – “गरीबी उन्मूलन, आत्मनिर्भरता और महिलाओं का सर्वांगीण सशक्तिकरण।”
🏭 SHG लघु उद्योग प्रशिक्षण का उद्देश्य
SHG के माध्यम से महिलाओं और ग्रामीण/शहरी गरीब परिवारों को छोटे-छोटे व्यवसाय या स्वरोजगार करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
इस प्रशिक्षण से महिलाएँ न केवल आत्मनिर्भर बनती हैं, बल्कि समूह के माध्यम से आय के नए स्रोत भी विकसित कर सकती हैं।
1️⃣ प्रशिक्षण के प्रकार
कुटीर उद्योग:
अगरबत्ती बनाना
मोमबत्ती बनाना
पापड़/अचार/बड़ी बनाना
हस्तकला:
सिलाई-कढ़ाई
बैग बनाना
बुनाई
आभूषण (ज्वेलरी) बनाना
कृषि आधारित:
मशरूम उत्पादन
डेयरी
पोल्ट्री
मधुमक्खी पालन
खाद्य प्रसंस्करण:
मसाले तैयार करना
पैकिंग
बेकरी उत्पाद
पापड़, चिप्स
सेवा आधारित:
ब्यूटी पार्लर
मोबाइल रिपेयरिंग
कंप्यूटर ट्रेनिंग
2️⃣ प्रशिक्षण में सिखाई जाने वाली बातें
कच्चे माल की पहचान और खरीद
उत्पादन प्रक्रिया – कैसे बनाना है
पैकिंग और गुणवत्ता सुधार
मार्केटिंग व बिक्री के तरीके
अकाउंटिंग और बैंकिंग – पैसे का हिसाब-किताब रखना
3️⃣ प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएँ
NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन)
KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग)
DRDA (जिला ग्रामीण विकास एजेंसी)
NGO और स्वयंसेवी संस्थाएँ
ITI और कौशल विकास केंद्र
4️⃣ SHG प्रशिक्षण के लाभ
महिलाएँ आत्मनिर्भर बनती हैं
समूह को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है
बैंक लोन और सरकारी योजनाओं का फायदा उठाना आसान होता है
गाँव/इलाके में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं
महिलाएँ समाज में सम्मान और पहचान प्राप्त करती हैं
💡 उदाहरण
अगर आपका SHG “अचार और मसाला प्रसंस्करण” का प्रशिक्षण लेता है, तो महिलाएँ मिलकर छोटा पैकेजिंग यूनिट चला सकती हैं और अपने उत्पाद बेचकर आय अर्जित कर सकती हैं।
उद्देश्य:
महिलाओं को आधुनिक और पारंपरिक सिलाई-कढ़ाई तकनीक सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वरोजगार योग्य बनाना। इस प्रशिक्षण से महिलाएँ न केवल घरेलू उपयोग के लिए सिलाई-कढ़ाई सीखती हैं, बल्कि छोटा व्यवसाय या बुटीक भी शुरू कर सकती हैं।
🎯 प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाता है
1️⃣ सिलाई तकनीक
बेसिक और एडवांस स्टिचिंग
मशीन सिलाई और हाथ से सिलाई
वस्त्र डिजाइनिंग और पैटर्न क्रिएशन
2️⃣ कढ़ाई तकनीक
पारंपरिक कढ़ाई जैसे ज़री, मिरर वर्क, चिकन कढ़ाई
आधुनिक डिज़ाइन कढ़ाई
कपड़े पर सजावट और कस्टमाइज़ेशन
3️⃣ व्यवसाय और स्वरोजगार
घरेलू या छोटे बुटीक व्यवसाय की शुरुआत
उत्पाद पैकिंग और ब्रांडिंग
बाजार में बिक्री और मार्केटिंग तकनीक
समूह आधारित परियोजना और साझेदारी
4️⃣ अतिरिक्त कौशल
रंग और कपड़े का चयन
कच्चे माल की पहचान और रख-रखाव
समय प्रबंधन और उत्पादन योजना
🌟 प्रशिक्षण के लाभ
महिलाएँ आत्मनिर्भर बनती हैं
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ते हैं
सृजनात्मक क्षमता और कला कौशल में सुधार
समूह कार्य से सामूहिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि
बैंक लोन या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सुविधा
🏢 प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएँ
NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन)
KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग)
NGO और स्वयंसेवी संस्थाएँ
ITI और कौशल विकास केंद्र
✨ संक्षेप में:
सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को कौशल, आत्मविश्वास और स्वरोजगार की दिशा में मजबूत बनाता है। यह प्रशिक्षण उन्हें सिर्फ कला सीखने तक नहीं, बल्कि सशक्त और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने का अवसर भी देता है।
उद्देश्य:
महिलाओं को ब्यूटी और व्यक्तिगत देखभाल (Personal Care) से जुड़ी स्किल्स सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वरोजगार योग्य बनाना। इस प्रशिक्षण से महिलाएँ घर से या पार्लर खोलकर सेवाएँ प्रदान कर सकती हैं और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त कर सकती हैं।
🎯 प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाता है
1️⃣ हेयर और स्किन केयर
बालों की कटिंग, स्टाइलिंग और कलरिंग
स्किन केयर और फेस ट्रीटमेंट
हेयर स्पा और स्कैल्प ट्रीटमेंट
2️⃣ मेकअप और व्यक्तिगत देखभाल
रोज़मर्रा का और पार्टी मेकअप
ब्राइडल और फोटोग्राफी मेकअप
हैंड और फुट केयर, नेल आर्ट
3️⃣ पार्लर मैनेजमेंट और व्यवसाय
घर-आधारित या छोटे पार्लर व्यवसाय की शुरुआत
ग्राहक सेवा और पेशेवर व्यवहार
उत्पाद और सामग्री का चयन और प्रबंधन
मार्केटिंग, पैकेजिंग और बिक्री तकनीक
4️⃣ अतिरिक्त कौशल
स्वच्छता और सुरक्षा उपाय
समय प्रबंधन और नियुक्ति शेड्यूल बनाना
बैंक लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना
🌟 प्रशिक्षण के लाभ
महिलाएँ आत्मनिर्भर बनती हैं
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ते हैं
सृजनात्मक क्षमता और पेशेवर स्किल्स में सुधार
समूह आधारित प्रशिक्षण से सामूहिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि
छोटे व्यवसाय के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता
🏢 प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएँ
NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन)
KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग)
NGO और स्वयंसेवी संस्थाएँ
ITI और कौशल विकास केंद्र
✨ संक्षेप में:
ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को कौशल, आत्मविश्वास और स्वरोजगार की दिशा में सशक्त बनाता है। यह प्रशिक्षण उन्हें सिर्फ सेवाएँ प्रदान करने तक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से स्वतंत्र और समाज में सम्मानित बनने का अवसर देता है।
उद्देश्य:
महिलाओं और युवाओं को डिजिटल कौशल और कंप्यूटर ज्ञान सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बनाना। इस प्रशिक्षण से महिलाएँ डिजिटल युग में नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पा सकती हैं।
🎯 प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाता है
1️⃣ बेसिक कंप्यूटर स्किल्स
कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की समझ
विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम और फाइल मैनेजमेंट
टाइपिंग और MS Office (Word, Excel, PowerPoint)
2️⃣ इंटरनेट और डिजिटल स्किल्स
इंटरनेट ब्राउज़िंग और सुरक्षित उपयोग
ईमेल और सोशल मीडिया का व्यावहारिक उपयोग
ऑनलाइन सरकारी सेवाएँ और आवेदन प्रक्रिया
3️⃣ व्यवसायिक और पेशेवर कौशल
डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट
छोटे व्यवसाय के लिए कंप्यूटर उपयोग
बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन
4️⃣ अतिरिक्त कौशल
डेटा एंट्री और रिकॉर्ड मैनेजमेंट
ग्राफिक डिज़ाइन और बुनियादी फोटो एडिटिंग
ऑनलाइन फ्रीलांसिंग और रोजगार के अवसर
🌟 प्रशिक्षण के लाभ
महिलाएँ डिजिटल दुनिया में आत्मनिर्भर बनती हैं
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ते हैं
तकनीकी कौशल और डिजिटल साक्षरता में सुधार
समूह आधारित प्रशिक्षण से सामूहिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि
डिजिटल माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सहभागिता
🏢 प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएँ
NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन)
KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग)
NGO और स्वयंसेवी संस्थाएँ
ITI और कौशल विकास केंद्र
अन्य सरकारी और निजी प्रशिक्षण संस्थाएँ
✨ संक्षेप में:
कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं और युवाओं को डिजिटल कौशल, रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में सशक्त बनाता है। यह प्रशिक्षण उन्हें सिर्फ कंप्यूटर सीखने तक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से स्वतंत्र, तकनीकी रूप से सक्षम और समाज में सम्मानित बनने का अवसर देता है।
