



महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और समाज में सम्मानित बनाने के लिए आपका साथ चाहिए।

गरीब और कमजोर महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हम काम कर रहे हैं।

SHG के माध्यम से महिलाओं और गरीब परिवारों के जीवन में बदलाव लाने में आपका योगदान महत्वपूर्ण है।
त्वरित लिंक्स

हमारे बारे में
उन्नति महिला विकास केंद्र शक्तिपथ महिला विकास फाउंडेशन द्वारा संचालित हैं ये संस्था भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है
ये महिला उत्थान ,महिला सशक्तिकरण, महिला विकास के लिए उठाया गया एक प्रयास हैं ये संस्था ग्रामीण परिवार के महिलाओ को स्वरोजगार करने के लिये प्रेरित कराती है तथा सरकार द्वारा दी जाने वाली योजना का लाभ दिलाने में मदद कराती हैं महिलाओ को रोजगार करने हेतु निःशुल्क ट्रेंनिंग उपलबब्ध कराती है
उन्नति महिला विकास केंद्र एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) है जो महिलाओं के सर्वांगीण विकास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है। हम मानते हैं कि –
👉 “सशक्त महिला ही सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव है।”
आज भी हमारे समाज में कई महिलाएँ और गरीब परिवार शिक्षा, संसाधनों और अवसरों से वंचित हैं। उनका पूरा सामर्थ्य केवल इसलिए दबा हुआ है क्योंकि उन्हें सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सहयोग नहीं मिल पाता। इसी अंतर को मिटाने के लिए उन्नति महिला विकास केंद्र काम करता है।
हमारा उद्देश्य सिर्फ महिलाओं को प्रशिक्षण देना ही नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ समाज में एक सशक्त पहचान दिलाना है। यहाँ आने वाली हर महिला को यह एहसास कराया जाता है कि उसमें अपने और अपने परिवार का भविष्य बदलने की शक्ति है।
संस्था के उद्देश्य
महिला सशक्तिकरण:
- महिलाओं को शिक्षा, कौशल और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना।
- समाज में महिलाओं की समानता और सम्मान सुनिश्चित करना।
आर्थिक सशक्तिकरण:
- महिलाओं और गरीब परिवारों को बचत और वित्तीय प्रबंधन की आदत डालना।
- स्वरोजगार और लघु व्यवसाय के अवसर प्रदान करना।
- बैंक लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सहायता करना।
शैक्षणिक और जागरूकता:
- महिलाओं और बच्चों को शिक्षा और जानकारी से जोड़ना।
- स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी देना।
स्वरोजगार और कौशल विकास:
- सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर और अन्य कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
- लघु उद्योग और कुटीर व्यवसायों के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देना।
- समूह आधारित परियोजनाओं और सामूहिक व्यवसाय को प्रोत्साहित करना।
सामाजिक उत्थान:
- ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना।
- समाज में सामूहिक सहयोग और एकता का विकास करना।
- महिलाओं और कमजोर वर्ग के अधिकारों की रक्षा करना।
सामूहिक शक्ति और सहभागिता:
- SHG (स्वयं सहायता समूह) के माध्यम से सामूहिक शक्ति का विकास करना।
- समूह बनाकर समस्याओं का सामूहिक समाधान करना।
सृजनात्मक और व्यावसायिक विकास:
- महिलाओं को अपने हुनर और सृजनात्मक क्षमता को व्यावसायिक रूप देने में मदद करना।
- रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करना।
हमारे प्रोजेक्ट्स
मिशन:
SHG का मुख्य मिशन है कि गांव या शहर की गरीब और कमजोर महिलाओं तथा परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना।
SHG महिलाओं को केवल आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में समानता, सहभागिता और आत्मसम्मान को बढ़ावा देने का एक मंच है।

🎯 SHG का मिशन सरल शब्दों में
1️⃣ आर्थिक सशक्तिकरण
महिलाओं में बचत की आदत डालना
छोटे-छोटे ऋण (Loan) उपलब्ध कराना
स्वरोजगार (Self-employment) के अवसर बढ़ाना
परिवार की आमदनी बढ़ाने और वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करना
2️⃣ सामाजिक सशक्तिकरण
महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार बनाना
समाज में समानता और आत्मनिर्भरता लाना
समुदाय में महिलाओं का सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करना
3️⃣ शैक्षणिक और जागरूकता
महिलाओं और गरीब परिवारों को शिक्षा और जानकारी से जोड़ना
सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी देना
स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना
4️⃣ सामूहिक शक्ति का विकास
“एकता में शक्ति” के सिद्धांत पर काम करना
समूह बनाकर हर समस्या का सामूहिक समाधान करना
सहयोग, विश्वास और टीम भावना का विकास करना
✨ संक्षेप में:
SHG का मिशन है – “गरीबी उन्मूलन, आत्मनिर्भरता और महिलाओं का सर्वांगीण सशक्तिकरण।”
🏭 SHG लघु उद्योग प्रशिक्षण का उद्देश्य
SHG के माध्यम से महिलाओं और ग्रामीण/शहरी गरीब परिवारों को छोटे-छोटे व्यवसाय या स्वरोजगार करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
इस प्रशिक्षण से महिलाएँ न केवल आत्मनिर्भर बनती हैं, बल्कि समूह के माध्यम से आय के नए स्रोत भी विकसित कर सकती हैं।
1️⃣ प्रशिक्षण के प्रकार
कुटीर उद्योग:
अगरबत्ती बनाना
मोमबत्ती बनाना
पापड़/अचार/बड़ी बनाना
हस्तकला:
सिलाई-कढ़ाई
बैग बनाना
बुनाई
आभूषण (ज्वेलरी) बनाना
कृषि आधारित:
मशरूम उत्पादन
डेयरी
पोल्ट्री
मधुमक्खी पालन
खाद्य प्रसंस्करण:
मसाले तैयार करना
पैकिंग
बेकरी उत्पाद
पापड़, चिप्स
सेवा आधारित:
ब्यूटी पार्लर
मोबाइल रिपेयरिंग
कंप्यूटर ट्रेनिंग
2️⃣ प्रशिक्षण में सिखाई जाने वाली बातें
कच्चे माल की पहचान और खरीद
उत्पादन प्रक्रिया – कैसे बनाना है
पैकिंग और गुणवत्ता सुधार
मार्केटिंग व बिक्री के तरीके
अकाउंटिंग और बैंकिंग – पैसे का हिसाब-किताब रखना
3️⃣ प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएँ
NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन)
KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग)
DRDA (जिला ग्रामीण विकास एजेंसी)
NGO और स्वयंसेवी संस्थाएँ
ITI और कौशल विकास केंद्र
4️⃣ SHG प्रशिक्षण के लाभ
महिलाएँ आत्मनिर्भर बनती हैं
समूह को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है
बैंक लोन और सरकारी योजनाओं का फायदा उठाना आसान होता है
गाँव/इलाके में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं
महिलाएँ समाज में सम्मान और पहचान प्राप्त करती हैं
💡 उदाहरण
अगर आपका SHG “अचार और मसाला प्रसंस्करण” का प्रशिक्षण लेता है, तो महिलाएँ मिलकर छोटा पैकेजिंग यूनिट चला सकती हैं और अपने उत्पाद बेचकर आय अर्जित कर सकती हैं।
उद्देश्य:
महिलाओं को आधुनिक और पारंपरिक सिलाई-कढ़ाई तकनीक सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वरोजगार योग्य बनाना। इस प्रशिक्षण से महिलाएँ न केवल घरेलू उपयोग के लिए सिलाई-कढ़ाई सीखती हैं, बल्कि छोटा व्यवसाय या बुटीक भी शुरू कर सकती हैं।

🎯 प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाता है
1️⃣ सिलाई तकनीक
बेसिक और एडवांस स्टिचिंग
मशीन सिलाई और हाथ से सिलाई
वस्त्र डिजाइनिंग और पैटर्न क्रिएशन
2️⃣ कढ़ाई तकनीक
पारंपरिक कढ़ाई जैसे ज़री, मिरर वर्क, चिकन कढ़ाई
आधुनिक डिज़ाइन कढ़ाई
कपड़े पर सजावट और कस्टमाइज़ेशन
3️⃣ व्यवसाय और स्वरोजगार
घरेलू या छोटे बुटीक व्यवसाय की शुरुआत
उत्पाद पैकिंग और ब्रांडिंग
बाजार में बिक्री और मार्केटिंग तकनीक
समूह आधारित परियोजना और साझेदारी
4️⃣ अतिरिक्त कौशल
रंग और कपड़े का चयन
कच्चे माल की पहचान और रख-रखाव
समय प्रबंधन और उत्पादन योजना
🌟 प्रशिक्षण के लाभ
महिलाएँ आत्मनिर्भर बनती हैं
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ते हैं
सृजनात्मक क्षमता और कला कौशल में सुधार
समूह कार्य से सामूहिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि
बैंक लोन या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सुविधा
🏢 प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएँ
NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन)
KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग)
NGO और स्वयंसेवी संस्थाएँ
ITI और कौशल विकास केंद्र
✨ संक्षेप में:
सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को कौशल, आत्मविश्वास और स्वरोजगार की दिशा में मजबूत बनाता है। यह प्रशिक्षण उन्हें सिर्फ कला सीखने तक नहीं, बल्कि सशक्त और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने का अवसर भी देता है।
उद्देश्य:
महिलाओं को ब्यूटी और व्यक्तिगत देखभाल (Personal Care) से जुड़ी स्किल्स सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वरोजगार योग्य बनाना। इस प्रशिक्षण से महिलाएँ घर से या पार्लर खोलकर सेवाएँ प्रदान कर सकती हैं और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त कर सकती हैं।

🎯 प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाता है
1️⃣ हेयर और स्किन केयर
बालों की कटिंग, स्टाइलिंग और कलरिंग
स्किन केयर और फेस ट्रीटमेंट
हेयर स्पा और स्कैल्प ट्रीटमेंट
2️⃣ मेकअप और व्यक्तिगत देखभाल
रोज़मर्रा का और पार्टी मेकअप
ब्राइडल और फोटोग्राफी मेकअप
हैंड और फुट केयर, नेल आर्ट
3️⃣ पार्लर मैनेजमेंट और व्यवसाय
घर-आधारित या छोटे पार्लर व्यवसाय की शुरुआत
ग्राहक सेवा और पेशेवर व्यवहार
उत्पाद और सामग्री का चयन और प्रबंधन
मार्केटिंग, पैकेजिंग और बिक्री तकनीक
4️⃣ अतिरिक्त कौशल
स्वच्छता और सुरक्षा उपाय
समय प्रबंधन और नियुक्ति शेड्यूल बनाना
बैंक लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना
🌟 प्रशिक्षण के लाभ
महिलाएँ आत्मनिर्भर बनती हैं
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ते हैं
सृजनात्मक क्षमता और पेशेवर स्किल्स में सुधार
समूह आधारित प्रशिक्षण से सामूहिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि
छोटे व्यवसाय के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता
🏢 प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएँ
NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन)
KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग)
NGO और स्वयंसेवी संस्थाएँ
ITI और कौशल विकास केंद्र
✨ संक्षेप में:
ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को कौशल, आत्मविश्वास और स्वरोजगार की दिशा में सशक्त बनाता है। यह प्रशिक्षण उन्हें सिर्फ सेवाएँ प्रदान करने तक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से स्वतंत्र और समाज में सम्मानित बनने का अवसर देता है।
उद्देश्य:
महिलाओं और युवाओं को डिजिटल कौशल और कंप्यूटर ज्ञान सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बनाना। इस प्रशिक्षण से महिलाएँ डिजिटल युग में नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पा सकती हैं।

🎯 प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाता है
1️⃣ बेसिक कंप्यूटर स्किल्स
कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की समझ
विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम और फाइल मैनेजमेंट
टाइपिंग और MS Office (Word, Excel, PowerPoint)
2️⃣ इंटरनेट और डिजिटल स्किल्स
इंटरनेट ब्राउज़िंग और सुरक्षित उपयोग
ईमेल और सोशल मीडिया का व्यावहारिक उपयोग
ऑनलाइन सरकारी सेवाएँ और आवेदन प्रक्रिया
3️⃣ व्यवसायिक और पेशेवर कौशल
डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट
छोटे व्यवसाय के लिए कंप्यूटर उपयोग
बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन
4️⃣ अतिरिक्त कौशल
डेटा एंट्री और रिकॉर्ड मैनेजमेंट
ग्राफिक डिज़ाइन और बुनियादी फोटो एडिटिंग
ऑनलाइन फ्रीलांसिंग और रोजगार के अवसर
🌟 प्रशिक्षण के लाभ
महिलाएँ डिजिटल दुनिया में आत्मनिर्भर बनती हैं
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ते हैं
तकनीकी कौशल और डिजिटल साक्षरता में सुधार
समूह आधारित प्रशिक्षण से सामूहिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि
डिजिटल माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सहभागिता
🏢 प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएँ
NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन)
KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग)
NGO और स्वयंसेवी संस्थाएँ
ITI और कौशल विकास केंद्र
अन्य सरकारी और निजी प्रशिक्षण संस्थाएँ
✨ संक्षेप में:
कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं और युवाओं को डिजिटल कौशल, रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में सशक्त बनाता है। यह प्रशिक्षण उन्हें सिर्फ कंप्यूटर सीखने तक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से स्वतंत्र, तकनीकी रूप से सक्षम और समाज में सम्मानित बनने का अवसर देता है।
मैनेजमेंट सदस्य
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Unnati Mahila Vikas Kendra
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हमारी लोन सेवाएँ
उद्देश्य:
पर्सनल लोन (Personal Loan) एक ऐसा लोन होता है जो बैंक या फाइनेंस कंपनी बिना किसी गारंटी (बिना गिरवी रखे) आपको देती है। इसे अनसिक्योर्ड लोन भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल आप अपनी किसी भी निजी ज़रूरत जैसे – शादी, घर की मरम्मत, मेडिकल खर्च, बच्चों की पढ़ाई, यात्रा या अन्य कामों में कर सकते हैं।

1️⃣ पर्सनल लोन की खास बातें:
बिना गारंटी (Collateral free): इसमें आपको घर, जमीन, सोना जैसी कोई चीज़ गिरवी नहीं रखनी पड़ती।
लोन राशि (Loan Amount): आमतौर पर ₹50,000 से लेकर ₹25 लाख तक (बैंक और आपकी योग्यता पर निर्भर)
ब्याज दर (Interest Rate): 10% से 24% तक सालाना (बैंक/कंपनी और आपकी CIBIL स्कोर के आधार पर)।
अवधि (Tenure): 1 साल से 5 साल या कभी-कभी 7 साल तक।
ईएमआई (EMI): मासिक किस्तों में लोन चुकाना पड़ता है
प्रोसेसिंग फीस: 1% से 3% तक लग सकती है।
2️⃣ पर्सनल लोन के लिए जरूरी शर्तें:
आवेदक की उम्र: 21 से 60 साल के बीच
नौकरीपेशा, व्यवसायी या स्व-रोज़गार व्यक्ति।
स्थिर आय (Salary/Income proof)।
अच्छा CIBIL स्कोर (750+ बेहतर माना जाता है)।
3️⃣ पर्सनल लोन के फायदे:
तुरंत पैसे की जरूरत पूरी करता है
इस्तेमाल पर कोई पाबंदी नहीं।
प्रक्रिया आसान और ऑनलाइन भी संभव।
उद्देश्य:
ग्रुप लोन (Group Loan) को हिंदी में समूह ऋण कहते हैं। यह लोन आमतौर पर माइक्रोफाइनेंस संस्थान (MFI), एनजीओ, या बैंकों द्वारा दिया जाता है। इसमें 5 से 20 लोग मिलकर एक छोटा समूह (Self Help Group – SHG / Joint Liability Group – JLG) बनाते हैं और सामूहिक रूप से लोन लेते हैं।

1️⃣ ग्रुप लोन की खास बातें:
सामूहिक जिम्मेदारी: लोन सभी सदस्यों के नाम पर होता है, लेकिन अगर कोई सदस्य किस्त नहीं चुकाता तो बाकी सदस्यों को जिम्मेदारी उठानी पड़ती है
छोटे-छोटे लोन: हर सदस्य को आमतौर पर ₹10,000 – ₹50,000 तक का लोन दिया जाता है
ब्याज दर: 12% – 24% तक (संस्था और स्कीम पर निर्भर)
उद्देश्य: छोटे व्यापार, महिला उद्यमिता, खेती, पशुपालन, घर की मरम्मत या अन्य आर्थिक जरूरतों को पूरा करना।
गिरवी की जरूरत नहीं: यह बिना गारंटी का लोन होता है।
2️⃣ग्रुप लोन की प्रक्रिया
लोग मिलकर SHG (Self Help Group) या JLG (Joint Liability Group) बनाते हैं।
समूह का बैंक खाता खोला जाता है।
कुछ महीनों तक समूह बचत करता है
बैंक/MFI समूह की क्रेडिट हिस्ट्री देखकर लोन देता है।
EMI हर महीने/सप्ताह सामूहिक रूप से चुकाई जाती है।
3️⃣ ग्रुप लोन के फायदे:
गरीब और कमजोर तबके को आसानी से लोन मिलता है।
गारंटी की जरूरत नहीं।
महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी
सामूहिक जिम्मेदारी होने से डिफॉल्ट कम होता है।
उद्देश्य:
बिज़नेस लोन (Business Loan) का मतलब है – ऐसा ऋण जो बैंक, NBFC या सरकारी योजना के तहत व्यवसाय (Business) चलाने, बढ़ाने या नया शुरू करने के लिए दिया जाता है।

1️⃣ बिज़नेस लोन की खास बातें
1. उद्देश्य:
- नया व्यवसाय शुरू करना
- मशीनरी/उपकरण खरीदना
- दुकान/ऑफिस का विस्तार करना
- वर्किंग कैपिटल (Working Capital) यानी रोज़ाना के खर्च पूरे करना
- बिज़नेस में निवेश बढ़ाना
2. राशि (Loan Amount):
- ₹50,000 से लेकर ₹5 करोड़ तक (बैंक और बिज़नेस प्रोफाइल पर निर्भर)।
3. ब्याज दर (Interest Rate):
- लगभग 10% से 22% तक सालाना।
4. अवधि (Tenure):
- 1 साल से 7 साल तक।
5. प्रकार:
- टर्म लोन (Term Loan): लंबी अवधि के लिए।
वर्किंग कैपिटल लोन (Working Capital Loan):
- रोज़ाना खर्च और कैश फ्लो के लिए।
ओवरड्राफ्ट/कैश क्रेडिट (OD/CC):
- जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल सकते हैं
मशीनरी/इक्विपमेंट लोन:
- उपकरण खरीदने के लिए।
स्टार्टअप लोन:
- नए व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए।
2️⃣बिज़नेस लोन के लिए जरूरी शर्तें
व्यवसाय का पंजीकरण (GST, UDYAM, ट्रेड लाइसेंस आदि)।
बैंक स्टेटमेंट (पिछले 6–12 महीने)।
ITR (कम से कम 2 साल का) या इनकम प्रूफ।
अच्छी CIBIL स्कोर (750+)।
व्यवसाय का 1–3 साल का अनुभव।
3️⃣बिज़नेस लोन के फायदे:
बिना गारंटी वाले भी विकल्प उपलब्ध (Unsecured Loan)।
जल्दी प्रोसेसिंग और ऑनलाइन आवेदन
सरकार की कई योजनाएं (MUDRA, CGTMSE, PMEGP आदि) भी उपलब्ध।

उद्देश्य:
पशुपालन लोन (Pashupalan Loan) किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को पशु खरीदने, चारा, डेयरी शेड बनाने और डेयरी/पशुपालन व्यवसाय बढ़ाने के लिए दिया जाने वाला विशेष लोन है।
1️⃣ पशुपालन लोन की मुख्य बातें
1. उद्देश्य:
गाय/भैंस खरीदने के लिए
बकरी पालन, मुर्गी पालन, सूअर पालन, भेड़ पालन
डेयरी शेड, पानी की टंकी, चारा मशीन आदि लगाना
डेयरी या पोल्ट्री फार्म का विस्तार करना
2. लोन राशि: (Loan Amount):
- ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक (बैंक और योजना पर निर्भर)।
3. ब्याज दर (Interest Rate):
7% – 12% सालाना
कुछ सरकारी योजनाओं में ब्याज पर सब्सिडी मिलती है (3% तक छूट)
4. अवधि (Tenure):
1 साल से 7 साल तक
EMI मासिक या वार्षिक दे सकते हैं
5. गारंटी:
छोटे लोन (₹1–1.6 लाख तक) बिना गारंटी
बड़े लोन पर जमीन/प्रॉपर्टी की गारंटी मांग सकते हैं
2️⃣पशुपालन लोन की प्रमुख सरकारी योजनाएँ
नाबार्ड डेयरी एंटरप्राइज डेवलपमेंट स्कीम (DEDS) – गाय/भैंस खरीदने और डेयरी शुरू करने पर सब्सिडी।
PM किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) – इसमें किसान चारा और पशुपालन खर्च के लिए भी लोन ले सकते हैं
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) – बकरी, भेड़, सूअर, पोल्ट्री पालन के लिए लोन + सब्सिडी।
डेयरी प्रोसेसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (DIDF) – डेयरी उपकरण और ठंडी भंडारण सुविधा के लिए।
3️⃣ आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड / पहचान पत्र
जमीन/किराए की जमीन के कागज़
आय प्रमाण पत्र / बैंक पासबुक
संस्था को सहयोग करे
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं
आपका योगदान महिलाओं को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण दिलाने में मदद करेगा।
गरीब परिवारों के जीवन में बदलाव लाएं
आपके दान से गरीब परिवारों को रोज़गार और बेहतर जीवन के अवसर मिलेंगे।
शिक्षा और जागरूकता का समर्थन करें
महिलाओं और बच्चों को शिक्षा और महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुँचाने में मदद करें।
समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें
महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा के माध्यम से देश की प्रगति में भागीदार बनें।